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नवरात्री की बहुत बहुत शुभकामनाएं ।।

Posted: Tue Oct 16, 2012 8:10 am
by chandresh_kumar
आप सबको नवरात्री की बहुत बहुत शुभकामनाएं ।। :F0

हिंदू धर्म में मान्यता ​​है कि सार्वभौमिक रचनात्मक बल स्त्री लिंग हैं | मूल बल महामाया है जिसकी प्रेरणा से ईश्वर और बाकी ब्रह्मांड बने हैं । महामाया के बिना संरचना, पोषण, रक्षा और आनंद की कल्पना नहीं की जा सकती। यह प्रेरणा ही सम्पूर्ण सृष्टि की जीवन शक्ति है| सभी बड़े और छोटे ऊर्जा और बल का प्रतिनिधित्व विभिन्न देवीयों द्वारा हिन्दू धर्म में किया गया है । इस प्रकार, एक कुंवारी लड़की को शुद्ध बुनियादी रचनात्मक शक्ति का प्रतीक माना गया है और नवरात्रों में इनकी पूजा का विधान है । नवरात्र में हम उसी नारी शक्ति को पूजते हैं. भारतीय दर्शन ने मां दुर्गा के माध्यम से नारी-शक्ति को महत्व दिया है.

ईश्वर की उत्पत्ति के इस प्रतिक को हम जिस तरह से पूज रहे हैं वो वास्तव में सराहनीय है । देवी माता की पूजा और फिर देवी की ह्त्या -- भ्रूण में ही । ईश्वरीय रचना और ऊर्जा व शक्ति के इस समय में इन नौ रात्रियों को नवरात्री से हम में से कई लोग कालरात्री बना देते हैं । यानी कि ईश्वर द्वारा बनाए हुए विधान में भी परिवर्तन -- सराहनीय है !!!

और सिर्फ नवरात्री ही नहीं -- हर रात्री कालरात्री है -- हर दिन कोई ना कोई देवी भ्रूण वध कर रहा है ।

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तो फिर इसके बाद -- क्या अधिकार है हमें देवी पूजन का ? :n0 पहले वध और फिर पूजन ये तो वही हुआ कि स्मैक और चरस के व्यापारी ड्रग्स निरोधक संस्थानों के अधिपति बने हुए हैं । और फिर देवी पूजा से फ़ायदा भी क्या, जिस धनात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हम करना चाहते हैं, उससे बहुत अधिक ऋणात्मक ऊर्जा तो हम वातावरण में पहले ही बिखेर चुके हैं । अगर हम नहीं तो कई इसे लोग जिन्हें हम जानते हैं ।।। ???

कैसे हम उच्च ऊर्जा पायेंगे, देवी पूजन से उत्पन्न हुई ऊर्जा तो वातावरण को सही करने में ही लग जायेगी -- हम तक तो पहुँचना दूर की बात है । मन की संतुष्टी ज़रूर हो जायेगी । हाँ, लेकिन जिस दिन आपको लगे कि देवी भ्रूण वध सही नहीं है, वातावरण का सत्यानाश हो रहा है इसके जरिये -- तो आप समझिये कि अब देवी पूजा का सही समय है । अब वो ऊर्जा आप तक पहुँच रही है -- अन्यथा तो सब ढकोसले ही हैं।

नवरात्री के प्रथम दिन शैलपुत्री को प्रणाम ।।।

प्रथम दुर्गा त्वहिभवसागर तारणीम्.
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥
त्रिलोकजननींत्वंहिपरमानंद प्रदीयनाम्.
सौभाग्यारोग्यदायनीशैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरीत्वंहिमहामोह विनाशिन.
भुक्ति, मुक्ति दायनी,शैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरीत्वंहिमहामोह विनाशिन.
भुक्ति, मुक्ति दायिनी शैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥

Chandresh :F0

Re: नवरात्री की बहुत बहुत शुभकामनाएं ।।

Posted: Wed Oct 17, 2012 1:49 am
by KARTIK
nice sir... happy navratri to u too :F0

Re: नवरात्री की बहुत बहुत शुभकामनाएं ।।

Posted: Fri Oct 19, 2012 3:41 pm
by pradeep_shaktawat
:F0
Happy Navratri to All
:F0